संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य और किसान नेता योगेंद्र यादव ने कहा- किसान आंदोलन पहले की तरह रहेगा जारी
Yogendra Yadav, a member of the United Kisan Morcha and farmer leader, said that the farmers' movement will continue as before.

संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य और किसान नेता योगेंद्र यादव ने कहा- किसान आंदोलन पहले की तरह रहेगा जारी

नई दिल्ली

किसान आंदोलन पहले की तरह जारी रखेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य और किसान नेता योगेंद्र यादव ने शनिवार को यह जानकारी दी। योगेंद्र यादव ने कहा कि किसानों की 22 नवंबर को लखनऊ में होने वाली किसान महापंचायत भी अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएगी। यही नहीं किसान 29 नवंबर को तय कार्यक्रम के मुताबिक संसद मार्च की योजना को भी रद्द नहीं करेंगे। योगेंद्र यादव संयुक्त किसान मोर्चा की कोर कमेटी के सदस्य हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुरु पर्व के मौके पर तीनों कृषि कानून को वापस लेने का ऐलान किया था। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने इस फैसले का स्वागत किया था। लेकिन यह कहा था कि कृषि कानूनों की वापसी के फैसले पर मुहर लगने तक वो दिल्ली के बॉर्डर पर चल रहा अपना आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। किसानों ने संकेत दिया है कि एमएसपी पर कानूनी गारंटी और बिजली संशोधन विधेयक जैसे मुद्दों पर उसका आंदोलन जारी रहेगा। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा था कि किसान लंबित मुद्दों पर सरकार से वार्ता को लेकर तैयार हैं। संयुक्त किसान मोर्चा तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ करीब एक साल से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहा था। लेकिन पीएम मोदी ने कल ऐलान किया कि सरकार कुछ किसान संगठनों को इन कानूनों के फायदे समझा पाने में असफल रही। लिहाजा इन कानूनों को वापस लेने की प्रक्रिया संसद के शीतकालीन सत्र में शुरू की जाएगी। संसद का शीतकालीन संत्र 29 नवंबर से शुरू हो रहा है। हालांकि विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार ने कृषि कानूनों की वापसी का कदम यूपी और पंजाब विधानसभा चुनाव में हार के डर से लिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरा है। प्रियंका गांधी ने लखीमपुर खीरी कांड में घिरे केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के इस्तीफे की मांग फिर उठाई है।

 

Yogendra Yadav, a member of the United Kisan Morcha and farmer leader, said that the farmers’ movement will continue as before.