सुप्रीम कोर्ट नेे ट्विटर इंडिया के पूर्व MD को भेजा नोटिस, यूपी सरकार की याचिका पर होगी सुनवाई
Supreme Court sends notice to former MD of Twitter India, will hear the petition of UP government

सुप्रीम कोर्ट नेे ट्विटर इंडिया के पूर्व MD को भेजा नोटिस, यूपी सरकार की याचिका पर होगी सुनवाई

नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट को उतर प्रदेश की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया। जिसमें कर्नाटक के उच्च न्यायालय के एक आदेश को चुनौती दी गई थी। इस याचिका में ट्विटर इंडिया के पूर्व प्रबंध निदेशक मनीष माहेश्वरी के खिलाफ एक सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील वीडियो की जांच के संबंध में नोटिस को खारिज करने के खिलाफ सुनवाई की जाएगी। माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर अपलोड किया गया कि वीडियो लोनी गाजियाबाद में एक मुस्लिम व्यक्ति के कथित हमले से संबंधित था। चीफ जस्टिस एनवी रमना, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हेमा कोहली की पीठ ने सरकार की याचिका पर सुनवाई की। जानकारी के अनुसार योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने उच्च न्यायालय के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाया। मेहता ने कहा कि कानून का एक प्रश्न है जिसके लिए आपकी परीक्षा की आवश्यकता है। फ़िलहाल समन जारी करने की वजह को नज़रअंदाज़ करें। यह 41ए का नोटिस था इसलिए गिरफ्तारी का कोई सवाल ही नहीं है। सवाल उच्च न्यायालय के क्षेत्रीय क्षेत्राधिकार का है। अदालत ने माहेश्वरी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एएम सिंघवी और सिद्धार्थ लूथरा को नोटिस स्वीकार करने को कहा। सीजेआई ने कहा कि हमें नोटिस सुनना है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो में एक मुस्लिम व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उसके साथ मारपीट की गई और उसे जय श्री राम का नारा लगाने के लिए मजबूर किया गया था साथ ही बदमाशों ने उसकी दाढ़ी भी काट दी। हालांकि उत्तर प्रदेश पुलिस ने मामले में किसी भी ‘सांप्रदायिक कोण’ से इनकार किया है। लेकिन आपराधिक साजिश और धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अपलोड किए गए वीडियो के लिए माहेश्वरी को जवाबदेह ठहराया गया है। जिसे अभियोजन पक्ष कहता है जिसके परिणामस्वरूप हिंसा हुई।

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