पक्के ढीठ… सब रजिस्ट्रार दफ्तर-1 के आरसी ने दिया खुला चैलंज

पक्के ढीठ… सब रजिस्ट्रार दफ्तर-1 के आरसी ने दिया खुला चैलंज

जालन्धर (लखबीर)

डीसी दफ्तर इम्पलाइज यूनियन द्वारा मांगों को लेकर की जा रही हड़ताल पर आज उस समय विरोरधता का सुर दिखाई जब सब रजिस्ट्रार दफ्तर में रजिस्ट्रियों का काम धड़ल्ले से चलता रहा। इतना ही नहीं दरवाजे बंद करके काम को अंजाम देते दिखाई दिए अफ्सर व कर्लक। बतादें कि तहसील में रैवन्यू के काम को पिछले तीन दिनों से ब्रेक लगी हुई है, जिसके चलते लोगों को खूब परेशान होना पड़ रहा है। वहीं यूनियन का तर्क है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानीं जाएंगी तब तक काम नहीं होना दिया जाएगा पर बावजूद इसके जालन्धर तहसील -1 कर्लकों द्वारा रजिस्ट्रियों करके हड़ताल व यूनियन को खुला चैलंज दिया जा रहा है।

आज साहिब पहुंचे ड्यूटी से भी पहले…

वहीं दूसरी ओर हमेशा ड्यूटी पर देरी से पहुंचने वाले साहिब भी आज सबसे पहले ही कुर्सी पर आ बिराजे थे। साहिब के आने से पहले ही आरसी द्वारा रजिस्ट्रियों का ढेर लगा दिया गया ताकि काम को जल्दी से जल्दी निपटा लिया जा सके।

हड़ताल नहीं लोगों को पहल-आरसी

इसी संबंधी जब रजिस्ट्री कर्लक तहसील-1 मुनीश शर्मा से बात की तो उन्होंने कहा कि लोगों की समस्या को देखते हुए काम किया जा रहा है। उन्होने कहा कि हड़ताल की बजाए उन लोगों की भी प्राबल्म देखनी चाहिए जिन्हें काम की जरूरत है। मुनीश शर्मा अनुसार अधिकारियों की हड़ताल नहीं थी जिसके चलते आरसी भी काम में जुट गए हैं।

हमेशा विवादों से जुड़ा है आरसी का नाम

बतादें कि तहसील का उक्त आरसी का हमेशा विवादों से नाता रहा है। डिप्टी कमिश्नर से लेकर अन्य कई अधिकारियों के पास इसकी शिकायतों का भंडार लगा हुआ है। बावजूद इसके इसे पैसों से मोह भंग नहीं हो रहा है।

साथियों की नहीं इन्हें पैसों की जरूरत..

वहीं समाज सेवी विपिन कालिया ने कहा कि अगर कर्लक या अधिकारी लोगों की परेशानी को देखते होते तो वह बिना रिश्वत के काम करते। बिना एनओसी की रजिस्ट्री करने के बदले 10 हजार रुपए का गुंडा टैक्स न वसूलते। आज भी अगर वह अपनी ही यूनियन के खिलाफ चल रहे हैं तो वह भी सिर्फ पैसों की खातिर ही है न कि समाज सेवा के लिए कर रहे हैं। उन्होने कहा कि उक्त कर्लक पक्के ढीठ हैं, इन्हें सिर्फ पैसा ही दिखाई देता है ओर कुछ नहीं।

आरसी के खिलाफ होगा एक्शन-विर्क

इस संंबंधी यूनियन के सूबा प्रधान गुरनाम सिंह विर्क ने कहा कि मुनीश जैसे कर्लकों कारण यूनियन के संघर्ष को धक्का लग सकता है, इसलिए इस तरह के कर्लकों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। उन्होने कहा कि समाज सेवी नहीं पैसों के लालच में इस तरह हड़ताल को खराब करने की कोशिश की जा रही है, जिसे बर्दाशत नहीं किया जाएगा।