जालन्धर के एडवोकेट की शिकायत पर एफआईआर की तैयारी!

जालन्धर के एडवोकेट की शिकायत पर एफआईआर की तैयारी!

मामला जाली अटारनी दिखा 105 मरले जमीन बेच धोखाधड़ी करने का…

जालन्धर (लखबीर सिंह)

जालन्धर के एडवोकेट कुलदीप सिंह की शिकायत के आधार पर आरोपियों खिलाफ पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने की कवायद शुरू हो सकती है क्योंकि उक्त ठगी का मामला जालन्धर पुलिस के अलावा डीजीपी पंजाब से लेकर मुख्यमंत्री पंजाब के प्रकाश में आ चुका है।

बतादें कि एडवोकेट कुलदीप सिंह ने धोखाधड़ी संबंधी शिकायत पंजाब के हर विभाग को कर रखी है, जिसके चलते जल्दी ही आरोपियों खिलाफ मामला दर्ज हो सकता है। आरोप लगाते हुए एडवोकेट कुलदीप सिंह ने बताया कि जाली दस्तावेज के सहारे उनके साथ जालन्धर के ही कुछ लोगों ने ठगी का खेल खेल दिया, जिसकी शिकायत पुलिस विभाग को सौंप कर कार्रवाई की गुहार लगाई थी। एडवोकेट ने आरोप लगाया कि राकेश कुमार ने आपने भाई के साथ मिलकर 105 मरले जमीन की स्पैशल अटारनी देकर लाखों की ठगी मारी है तथा पूरी घटना का मास्टर माइंड उसका भाई गणेश वधवा है। कुलदीप का आरोप है कि उसे 2011 में 105 मरले जमीन बेचने दौरान जो जनरल अटारनी तथा फर्द दी गई थी वह दोनों जाली पाई गई थी। साथ ही तहसीलदार के सामने अटारनी गलत औरत को खड़ी करके करवाई गई थी। उन्होंने कहा कि आज तक न तो उन्हें रकम वापिस दी गई है तथा नहीं उसके बदले कोई ओर जमीन ही दी गई है। पिछले 20 साल की फर्द निकालने के बाद सारी ठगी का खुलासा हो। तहसीलदार के सामने अटारनी करवाने दौरान जो वोटर कार्ड वगैरा लगाया गया था वह भी सब जाली पाए गए थे। फिल्हाल कुलदीप सिंह द्वारा पुलिस कमिश्नर को शिकायत सौंप इन्साफ की गुहार लगाई गई थी, जिसके चलते जल्दी ही पुलिस द्वारा उक्त मामले संबंधी एफआईआर दर्ज करने की कवायद शुरू कर दी गई है।

जाली अटारनी सब रजिस्ट्रार सिद्धु ने की…

एडवोकेट कुलदीप सिंह ने बताया कि उनके साथ जो जाली अटारनी बनाकर उनसे धोखाधड़ी की गई है, वह सब रजिस्ट्रार-1 मनिन्द्र सिंह सिद्धु द्वारा रजिस्ट्रर्ड की गई थी। उन्होंने कहा कि 2011 में उनके साथ धोखाधड़ी हुई थी, जिस दौरान तत्कालीन सब रजिस्ट्रार-1 मनिन्द्र सिद्धु ही ड्यूटी पर तैनात थे। एडवोकेट अनुसार 2011 में मनिन्द्र सिद्धु को आरोपियों ने गुमराह करके जाली अटारनी करवाई थी तथा उक्त मामला मनिन्द्र सिद्धु के ध्यान में ला दिया गया है।

 

सिफारशों का लग रहा जुगाड़…

वहीं दूसरी ओर धोखाधड़ी के मामले में फंस चुके आरोपी हाथ पैर मारने में जुटे हुए हैं ताकि किसी तरह वह इस मामले से बाहर निकल सकें। आरोपी राजनैतिक सिफारशों के अलावा आपनी पहुंच के जरिए मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं पर जालन्धर पुलिस बिल्कुल निष्पक्ष तौर पर जांच में जुटी हुई है। जालन्धर पुलिस किसी तरह के दबाव में न होने कारण जल्दी ही कार्रवाई अमल में लाकर आरोपियों को सलाखों के पीछे धकेल सकती है। एडवोकेट कुलदीप सिंह ने कहा कि पुलिस के न्याय पर पूरा भरोसा है तथा उन्हें जल्दी ही इन्साफ मिलने की आस है।