मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा- कांग्रेस के प्रभारी और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आगामी चुनाव को देखते हुए अपनी चुनावी रणनीति प्रशांत किशोर से साझा करने की दी सलाह
Chief Minister Channi said- Congress in-charge and former Uttarakhand Chief Minister Harish Rawat advised to share his election strategy with Prashant Kishor in view of the upcoming elections

मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा- कांग्रेस के प्रभारी और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आगामी चुनाव को देखते हुए अपनी चुनावी रणनीति प्रशांत किशोर से साझा करने की दी सलाह

चंडीगढ़

पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। उससे पहले फिर से एक बार यहां की कमान चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को दी गई है। आंतरिक कलह से जूझ रही कांग्रेस राज्य को अपने हाथों से नहीं निकलने देना चाहती है इसलिए यहां की बागडोर प्रशांत को दी गई है। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने इस बात की पुष्टि की है। सीएम चरणजीत सिंह चन्नी से कहा गया है कि वह प्रशांत किशोर से चुनावी रणनीति साझा करें। प्रशांत किशोर के फिर से चुनावी रणनीतिकार के रूप में एंट्री की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि बंगाल में टीएमसी की जीत के बाद ही प्रशांत ने चुनावी रणनीतिकार के रूप में अपनी पारी को फुल स्टॉप लगाने का ऐलान किया था।

हाईकमान से बात के बाद हरीश रावत ने दी सलाह

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा है कि पंजाब कांग्रेस के प्रभारी और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश चौधरी ने आगामी चुनाव को देखते हुए अपनी चुनावी रणनीति प्रशांत किशोर से साझा करने की सलाह दी है। उनका दावा है कि हरीश रावत ने कांग्रेस हाईकमान से बात करके बाद ही उन्हें यह सलाह दी है।

प्रशांत काम करेंगे या नहीं, यह स्पष्ट नहीं

बताया जा रहा है कि पंजाब भवन में हरीश रावत के साथ बैठक हुई। हालांकि चरणजीत चन्नी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस चुनावी रणनीति पर प्रशांत किशोर काम करेंगे या नहीं। आपको बता दें कि चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के प्रधान सलाहकार पद से इस्तीफा दे दिया था। प्रशांत किशोर ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को पत्र लिखकर कहा कि वह सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका से अस्थायी तौर पर ब्रेक चाहते हैं।

प्रशांत किशोर ने अमरिंदर को लिखा था यह पत्र

कैप्टन अमरिंदर सिंह को लिखे पत्र में प्रशांत किशोर ने कहा था, ‘मैं सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका से अस्थायी ब्रेक चाहता हूं। इसलिए मैं आपके प्रधान सलाहकार के रूप में जिम्मेदारियों को संभालने में सक्षम नहीं हूं। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया मुझे इस जिम्मेदारी से मुक्त करने की कृपा करें। प्रशांत किशोर ने आगे लिखा आगे मुझे क्या करना है, यह तय करना बाकी है। मुझे इस पद के लिए चुनने पर आपका शुक्रिया।

कांग्रेस में शामिल होने की थीं अटकलें

पिछले दिनों प्रशांत किशोर काफी सक्रिय नजर आए थे। उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ राहुल और प्रियंका गांधी से भी मुलाकात की थी। इसके बाद उनके कांग्रेस में एंट्री की चर्चा भी शुरू हो गई थी। उससे पहले एनसीपी मुखिया शरद पवार के साथ प्रशांत किशोर ने बैक-टु-बैक मीटिंग की थी। तब 2024 के लिए तीसरे मोर्च के कयास लगाए जा रहे थे।

पिछले चुनाव में संभाली थी कांग्रेस के अभियान की कमान

प्रशांत किशोर ने वर्ष 2017 में पंजाब विधानसभा के दौरान कांग्रेस के चुनाव अभियान की कमान संभाली थी। पीके की कंपनी, इंडियन पालिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पीएसी) ने पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस की मदद की थी। प्रशांत किशोर ने वर्ष 2014 के आम चुनाव में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद के लिए अभियान की जिम्मेदारी भी ली थी।

 

Chief Minister Channi said- Congress in-charge and former Uttarakhand Chief Minister Harish Rawat advised to share his election strategy with Prashant Kishor in view of the upcoming elections